भारत के प्रसिद्ध हिंदू मंदिर
पवित्र तीर्थ स्थल और उनकी दिव्य गाथा
तिरुमला वेंकटेश्वर मंदिर
देवता: भगवान वेंकटेश्वर (विष्णु)
महत्व:
यह विश्व का सबसे धनी मंदिर है। भगवान विष्णु के सातवें अवतार को समर्पित।
विशेषता:
वैकुंठ में स्थित भगमान का कलयुग में निवास स्थल। सालाना करोड़ों श्रद्धालु यहां आते हैं।
काशी विश्वनाथ मंदिर
देवता: भगवान शिव (ज्योतिर्लिंग)
महत्व:
12 ज्योतिर्लिंगों में से एक। काशी को मोक्षदायिनी नगरी माना जाता है।
विशेषता:
गंगा के तट पर स्थित। यहां मृत्यु होने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है।
मां वैष्णो देवी मंदिर
देवता: मां वैष्णो देवी (दुर्गा)
महत्व:
शक्ति पीठ। 13 किलोमीटर की यात्रा। तीन पवित्र पिंडियों का दर्शन।
विशेषता:
प्राकृतिक गुफा में स्थित। सालाना करोड़ों यात्री यहां आते हैं।
स्वर्ण मंदिर
देवता: भगवान विष्णु (हरिमंदिर साहिब)
महत्व:
सिख धर्म का सबसे पवित्र स्थल। सोने से ढका हुआ मंदिर।
विशेषता:
सरोवर के बीच में स्थित। langar (मुफ्त भोजन) की व्यवस्था।
मीनाक्षी मंदिर
देवता: मां मीनाक्षी और भगवान सुंदरेश्वर
महत्व:
द्रविड़ वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण। 14 गोपुरम (गोपुर)।
विशेषता:
2000 साल पुराना मंदिर। 33,000 मूर्तियां।
सोमनाथ मंदिर
देवता: भगवान शिव (प्रथम ज्योतिर्लिंग)
महत्व:
12 ज्योतिर्लिंगों में पहला। अरब सागर के तट पर स्थित।
विशेषता:
इतिहास में कई बार नष्ट और पुनर्निर्मित। बाणस्तंभ - जहां से दक्षिण ध्रुव तक कोई जमीन नहीं।
जगन्नाथ मंदिर
देवता: भगवान जगन्नाथ (कृष्ण), बलभद्र और सुभद्रा
महत्व:
चार धाम में से एक। रथ यात्रा के लिए प्रसिद्ध।
विशेषता:
महाप्रसाद (अन्नब्रह्म)। मंदिर का झंडा हमेशा विपरीत दिशा में लहराता है।
केदारनाथ मंदिर
देवता: भगवान शिव
महत्व:
चार धाम और पंच केदार में से एक। 3,583 मीटर की ऊंचाई पर।
विशेषता:
मंदिर के पीछे भगवान शिव की समाधि। केवल 6 महीने खुला रहता है।
बद्रीनाथ मंदिर
देवता: भगवान विष्णु (बद्रीनारायण)
महत्व:
चार धाम में से एक। 3,133 मीटर की ऊंचाई पर।
विशेषता:
अलकनंदा नदी के तट पर। ताप्त कुंड (गर्म पानी का कुंड)।
द्वारकाधीश मंदिर
देवता: भगवान कृष्ण
महत्व:
चार धाम में से एक। भगवान कृष्ण की राजधानी।
विशेषता:
समुद्र तट पर स्थित। 5 मंजिला मंदिर। गोमती नदी का संगम।
रामनाथस्वामी मंदिर
देवता: भगवान शिव (ज्योतिर्लिंग)
महत्व:
12 ज्योतिर्लिंगों में से एक। चार धाम में से एक।
विशेषता:
सबसे लंबा मंदिर परिसर। 22 कुंड। भगवान राम द्वारा स्थापित।
साईं बाबा मंदिर
देवता: साईं बाबा
महत्व:
सभी धर्मों का संगम। "सबका मालिक एक"।
विशेषता:
समाधि मंदिर। गुरुवार को विशेष भीड़।